यूरोप में राष्ट्रवाद
1
प्रस्तावना :
राष्ट्रवाद की अवधारणा
फ्रेडरिक
सॉरयू और उनका स्वप्न
·
वर्ष 1848 में फ्रांसिसी
कलाकार फ्रेडरिक सॉरयू ने चार
चित्रों की एक श्रृंखला बनाई – “विश्वव्यापी जनतांत्रिक और सामाजिक गणराज्यों का स्वप्न”।
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इन चित्रों में यूरोप और अमेरिका के लोग “स्वतंत्रता की प्रतिमा” की वंदना करते दिखाए गए हैं।
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यह प्रतिमा ज्ञानोदय की
मशाल और मानव अधिकारों की घोषणा-पत्र थामे हुए थी।
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चित्र में लोग अपनी राष्ट्रीय पोशाक में थे – यह दर्शाता था कि सॉरयू का स्वप्न एक ऐसी
दुनिया का था जहाँ अलग-अलग राष्ट्र स्वतंत्र रूप से साथ रहेंगे।
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जुलूस में अग्रणी राष्ट्र थे – अमेरिका और स्विट्ज़रलैंड, फिर फ्रांस, और उसके पीछे जर्मनी, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, हंगरी, रूस आदि।
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स्वर्ग से ईसा मसीह और फरिश्ते इन राष्ट्रों की एकता और भाईचारे के
प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।
मुख्य विचार – उन्नीसवीं सदी में राष्ट्रवाद एक ऐसी
शक्ति के रूप में उभरा जिसने यूरोप के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को बदल दिया।
2
राष्ट्र का
अर्थ –
अर्न्स्ट रेनन
का दृष्टिकोण
अर्न्स्ट
रेनन (Ernst Renan), फ्रांसिसी दार्शनिक, ने 1882 में अपने निबंध “राष्ट्र क्या है?” में कहा –
·
राष्ट्र समान भाषा, नस्ल, धर्म या क्षेत्र से नहीं बनता।
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यह “लंबे प्रयास, त्याग और निष्ठा” का परिणाम होता है।
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राष्ट्र का अस्तित्व “रोज़ का जनमत-संग्रह” है – अर्थात जनता
की निरंतर सहमति आवश्यक है।
·
राष्ट्र स्वतंत्रता की गारंटी हैं – अगर एक ही कानून और एक ही मालिक हो तो
स्वतंत्रता समाप्त हो जाएगी।
3
फ़्रांसीसी
क्रांति और राष्ट्र का विचार
(क) 1789 की फ्रांसीसी क्रांति
·
फ्रांस में राजतंत्र था, जो निरंकुश (Absolutist) था।
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क्रांति से प्रभुसत्ता राजा से जनता को मिली।
·
“पितृभूमि (la patrie)” और “नागरिक (le citoyen)” जैसे विचार आए।
·
समान अधिकारों वाला संविधान, नया तिरंगा झंडा, और राष्ट्रीय गान अपनाए गए।
·
क्षेत्रीय भाषाएँ हटाकर फ्रेंच भाषा को साझा
भाषा बनाया गया।
·
आंतरिक शुल्क समाप्त और समान माप-तौल लागू की गई।
(ख) नेपोलियन
के सुधार
·
1804 – नेपोलियन की नागरिक संहिता (Civil Code) लागू की गई।
o
जन्माधारित विशेषाधिकार समाप्त।
o
क़ानून के समक्ष समानता, संपत्ति के अधिकार की सुरक्षा।
·
नेपोलियन ने सामंतवाद समाप्त किया, भूदासों को स्वतंत्र किया, प्रशासनिक व्यवस्था सरल की, व्यापार को बढ़ावा दिया।
·
परन्तु धीरे-धीरे उसका शासन दमनकारी बन गया – जबरन भर्ती, कर वृद्धि, और सेंसरशिप से असंतोष फैला।
4
यूरोप में
राष्ट्रवाद का निर्माण
(क) राजनीतिक
स्थिति
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अठारहवीं सदी में यूरोप “राज्य-राज्य” में बँटा था, जैसे – जर्मनी, इटली आदि।
·
हैब्सबर्ग साम्राज्य (ऑस्ट्रिया-हंगरी) में अनेक जातीय समूह थे – जर्मन, हंगेरियन, स्लोवाक, क्रोएट, पोलिश आदि।
·
एकता का आधार केवल सम्राट के प्रति निष्ठा थी।
(ख) कुलीन
वर्ग और नया मध्यवर्ग
·
कुलीन वर्ग (Nobility) – भूमि का स्वामी, प्रभुत्वशाली लेकिन संख्या में कम।
·
मध्य वर्ग (Middle Class) – व्यापारी, उद्योगपति, शिक्षित पेशेवर; राष्ट्रवाद और उदारवाद के वाहक।
5
उदारवादी
राष्ट्रवाद (Liberal
Nationalism)
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“उदारवाद” (Liberalism) शब्द लैटिन Liber से – अर्थ: “आजाद”।
·
मुख्य विचार :
o
व्यक्ति की आज़ादी और क़ानून के समक्ष समानता।
o
सहमति से बनी सरकार (Representational Government)।
o
निजी संपत्ति का अधिकार।
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परंतु मताधिकार केवल संपन्न पुरुषों तक सीमित था।
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महिलाओं और गरीब पुरुषों को अधिकार नहीं थे।
आर्थिक
उदारवाद
·
मुक्त बाज़ार, व्यापार पर
रोकों का विरोध।
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जॉलवेराइन (Zollverein) – 1834 में प्रशा
की पहल पर बना “जर्मन शुल्क
संघ”।
o
आंतरिक शुल्क समाप्त, मुद्राओं की संख्या घटाई, रेलमार्ग से एकीकरण बढ़ा।
o
आर्थिक राष्ट्रवाद ने राजनीतिक राष्ट्रवाद को बल दिया।
6.
1815 के बाद का नया
रूढ़िवाद (Conservatism)
·
नेपोलियन की हार के बाद वियना कांग्रेस (1815) आयोजित हुई।
o
नेतृत्व – मैटरनिख (Metternich), ऑस्ट्रिया का चांसलर।
o
उद्देश्य – पुराने
राजवंशों की बहाली, फ्रांस को
सीमित करना, शक्ति-संतुलन।
o
फ्रांस से जीते हुए इलाके वापस लिए गए।
·
रूढ़िवादी शासन ने स्वतंत्रता, प्रेस और आलोचना पर रोक लगाई।
·
प्रेस की आजादी और अभिव्यक्ति के अधिकार की माँग बढ़ी।
7.
क्रांतिकारी
आंदोलन और मेत्सिनी
·
1815 के बाद
उदारवादी भूमिगत हो गए, गुप्त संगठन
बने।
·
ज्युसेपे मेत्सिनी (Giuseppe Mazzini)
o
जन्म: 1807, जेनोआ।
o
“यंग इटली” (मार्सेई में) और “यंग यूरोप” (बर्न में) की स्थापना।
o
उद्देश्य: इटली को एकीकृत गणराज्य बनाना और पूरे यूरोप में गणराज्य स्थापित
करना।
o
मैटरनिख ने मेत्सिनी को “सबसे खतरनाक दुश्मन” कहा।
8.
क्रांतियों का
युग (1830-1848)
(क) जुलाई
क्रांति (1830)
·
फ्रांस में बूर्बो वंश हटाया गया, लुई फिलिप नया संवैधानिक राजा बना।
·
इससे बेल्जियम ने नीदरलैंड्स से अलग होकर स्वतंत्रता पाई।
(ख) यूनान का
स्वतंत्रता संग्राम (1821-1832)
·
यूनान ऑटोमन साम्राज्य के अधीन था।
·
1821 में संघर्ष
आरंभ; पश्चिमी
यूरोप का समर्थन मिला।
·
लॉर्ड बायरन जैसे कवि और
कलाकारों ने समर्थन किया।
·
कुस्तुनतुनिया संधि (1832) से यूनान स्वतंत्र हुआ।
9.
संस्कृति और
राष्ट्रवाद
·
राष्ट्र की एकता केवल युद्ध से नहीं, बल्कि संस्कृति, कला, भाषा और लोक-साहित्य से भी बनी।
·
रूमानी आंदोलन (Romanticism) – भावना, लोक परंपरा, संस्कृति पर बल।
·
जोहान गॉटफ्रीड हर्डर – “वोल्कगाइस्ट” (राष्ट्रीय
आत्मा) का विचार; लोकगीतों
में राष्ट्र की आत्मा।
·
ग्रिम बंधु – लोककथाएँ
एकत्र कीं, “जर्मन
संस्कृति” की पहचान को
पुनर्जीवित किया।
·
पोलैंड – रूसी शासन
के विरोध में भाषा को राष्ट्रीय प्रतिरोध का प्रतीक बनाया।
10.
सामाजिक-आर्थिक
संकट और जनविद्रोह
(क) 1830-1848 के बीच
·
जनसंख्या वृद्धि, बेरोजगारी, अकाल, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा।
·
इंग्लैंड के मशीन निर्मित वस्त्रों ने यूरोपीय छोटे कारीगरों को प्रभावित
किया।
(ख) सिलेसिया
बुनकर विद्रोह (1845)
·
ठेकेदारों द्वारा कम मजदूरी दिए जाने पर विद्रोह।
·
बुनकरों ने गोदामों पर हमला किया, सेना ने 11 बुनकरों को गोली मारी।
(ग) 1848 की फ्रांसीसी क्रांति
·
आर्थिक संकट और बेरोजगारी के चलते विद्रोह।
·
राजा लुई फिलिप को हटाकर गणराज्य की घोषणा।
·
21 वर्ष से ऊपर
सभी पुरुषों को मताधिकार, रोजगार के लिए राष्ट्रीय कारखाने।
11.
1848 : उदारवादियों
की क्रांति
·
जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रिया आदि में संविधान व एकीकरण की
माँग।
·
फ्रैंकफर्ट संसद (1848) :
o
831 प्रतिनिधियों
ने “एकीकृत
जर्मन संविधान” बनाने का
प्रयास।
o
प्रशा के राजा फ्रेडरिक
विल्हेम IV ने ताज
ठुकरा दिया।
o
संसद असफल रही।
·
महिलाओं ने आंदोलन में भाग लिया पर मताधिकार नहीं मिला।
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असफलता के बावजूद राजाओं ने सुधार किए – जैसे भूदासत्व की समाप्ति।
12.
राष्ट्र-राज्य
का निर्माण
(क) जर्मनी
का एकीकरण
·
नेतृत्व: प्रशा और ऑटो वॉन बिस्मार्क।
·
तीन युद्धों (डेन्मार्क, ऑस्ट्रिया, फ्रांस) से
एकीकरण पूरा।
·
1871 – वर्साय महल में विलियम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया।
·
नया जर्मन राज्य केंद्रीकृत, आधुनिक मुद्रा, बैंकिंग और न्याय प्रणाली वाला बना।
(ख) इटली का
एकीकरण
·
इटली 7 राज्यों में
विभाजित था।
·
सार्डिनिया-पीडमॉण्ट ने नेतृत्व किया – राजा विक्टर इमेनुएल II, मंत्री कावूर।
·
गैरीबाल्डी (“रेड शर्ट्स”) ने दक्षिण इटली को मुक्त किया।
·
1861 – एकीकृत इटली की घोषणा, इमेनुएल II राजा बने।
(ग) ब्रिटेन
का एकीकरण
·
क्रमिक प्रक्रिया, कोई हिंसक
क्रांति नहीं।
·
1707 – ऐक्ट ऑफ यूनियन से इंग्लैंड और स्कॉटलैंड मिलकर ग्रेट ब्रिटेन बने।
·
1801 – आयरलैंड को बलपूर्वक मिलाया गया।
·
ब्रिटिश झंडा (Union Jack) और
राष्ट्रगान ब्रिटिश पहचान के प्रतीक बने।
13.
राष्ट्र की
दृश्य कल्पना (Visualising
the Nation)
·
कलाकारों ने राष्ट्र को नारी रूपक में चित्रित
किया।
o
फ्रांस – “मारीआन” (Marianne) – तिरंगा, लाल टोपी, गणराज्य का प्रतीक।
o
जर्मनी – “जर्मेनिया” (Germania) – बलूत के पत्तों का मुकुट (वीरता), तलवार, टूटी बेड़ियाँ (स्वतंत्रता)।
·
राष्ट्र की एकता और आदर्शों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन।
14.
राष्ट्रवाद और
साम्राज्यवाद
·
19वीं सदी के
उत्तरार्ध में राष्ट्रवाद संकीर्ण और
आक्रामक बन गया।
·
यूरोपीय शक्तियों ने राष्ट्रवाद का उपयोग साम्राज्य विस्तार के लिए किया।
·
बाल्कन क्षेत्र (यूनान, सर्बिया, बुल्गारिया, बोस्निया आदि) में जातीय संघर्ष और
राष्ट्रवादी तनाव बढ़ा।
·
यही तनाव अंततः प्रथम विश्व
युद्ध (1914) का कारण
बना।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
|
वर्ष |
घटना |
|
1789 |
फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत |
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1804 |
नेपोलियन की नागरिक संहिता |
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1815 |
नेपोलियन की हार; वियना
संधि |
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1830 |
फ्रांस में जुलाई क्रांति |
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1832 |
यूनान की स्वतंत्रता |
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1834 |
जॉलवेराइन (Zollverein) की
स्थापना |
|
1845 |
सिलेसिया बुनकर विद्रोह |
|
1848 |
यूरोप में क्रांतियों का वर्ष |
|
1859-1870 |
इटली का एकीकरण |
|
1871 |
जर्मनी का एकीकरण |
प्रमुख
व्यक्तित्व
|
नाम |
योगदान |
|
फ्रेडरिक सॉरयू |
राष्ट्रों की एकता का स्वप्न चित्रित किया |
|
अर्न्स्ट रेनन |
राष्ट्र की परिभाषा – “रोज़ का जनमत-संग्रह” |
|
नेपोलियन बोनापार्ट |
प्रशासनिक सुधार, नागरिक
संहिता |
|
ज्युसेपे मेत्सिनी |
“यंग इटली” के संस्थापक |
|
ऑटो वॉन बिस्मार्क |
जर्मनी का एकीकरण |
|
कावूर |
इटली के एकीकरण का कूटनीतिक नेता |
|
गैरीबाल्डी |
“रेड शर्ट्स” के प्रमुख, दक्षिण इटली की मुक्ति |
|
विक्टर इमेनुएल II |
एकीकृत इटली के प्रथम राजा |
|
मैटरनिख |
वियना कांग्रेस के आयोजक, रूढ़िवाद के समर्थक |
|
ग्रिम बंधु |
जर्मन लोककथाओं का संग्रह, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत |
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