यूरोप में राष्ट्रवाद 1 प्रस्तावना : राष्ट्रवाद की अवधारणा फ्रेडरिक सॉरयू और उनका स्वप्न · वर्ष 1848 में फ्रांसिसी कलाकार फ्रेडरिक सॉरयू ने चार चित्रों की एक श्रृंखला बनाई – “ विश्वव्यापी जनतांत्रिक और सामाजिक गणराज्यों का स्वप्न ” । · इन चित्रों में यूरोप और अमेरिका के लोग “ स्वतंत्रता की प्रतिमा ” की वंदना करते दिखाए गए हैं। · यह प्रतिमा ज्ञानोदय की मशाल और मानव अधिकारों की घोषणा-पत्र थामे हुए थी। · चित्र में लोग अपनी राष्ट्रीय पोशाक में थे – यह दर्शाता था कि सॉरयू का स्वप्न एक ऐसी दुनिया का था जहाँ अलग-अलग राष्ट्र स्वतंत्र रूप से साथ रहेंगे। · जुलूस में अग्रणी राष्ट्र थे – अमेरिका और स्विट्ज़रलैंड , फिर फ्रांस , और उसके पीछे जर्म...